Sat. Sep 5th, 2026

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से लाभान्वित छात्राओं से जिलाधिकारी ने किया संवाद, करियर एवं साइबर सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

जिलाधिकारी ने छात्राओं को व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास एवं कंप्यूटर दक्षता बढ़ाने के लिए किया प्रेरित, कंप्यूटर प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योजना से लाभान्वित एवं पात्र छात्राओं को योजना के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी शैक्षिक, करियर एवं अन्य समस्याओं को समझना तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित छात्राओं के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तार से संवाद किया। 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से आच्छादित छात्राओं को जिलाधिकारी सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे चर्चा करने और अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि बीपीएल परिवारों की छात्राओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा फीस उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद में अब तक 67 छात्राएं योजना के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुकी हैं, जिनमें 05 छात्राओं ने बीए, 01 ने बीएससी, 01 ने बीकॉम, 01 ने एमए, 02 ने एमएसडब्ल्यू तथा 02 छात्राओं ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूर्ण किया है। वर्तमान में 43 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि इस वर्ष भी योजना के अंतर्गत 12 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र बालिकाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से ग्रेजुएशन स्तर से आगे की शिक्षा के लिए भी स्पॉन्सरशिप के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।

छात्राओं से उनकी रुचि, लक्ष्य और समस्याओं पर जिलाधिकारी ने किया संवाद

संवाद कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने छात्राओं से उनकी शिक्षा, रुचियों, भविष्य के लक्ष्य और करियर संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं की विभिन्न जिज्ञासाओं एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें सफलता के लिए आवश्यक सुझाव दिए।

जिलाधिकारी ने मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र सहित विभिन्न विषयों में अध्ययनरत छात्राओं को उनके विषयों से संबंधित संभावित करियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने, समय का सदुपयोग करने और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि कॉन्फिडेंस बिल्डिंग, कम्युनिकेशन स्किल, व्यक्तित्व विकास एवं तकनीकी दक्षता भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

एआई के दौर में कंप्यूटर ज्ञान जरूरी, कंप्यूटर प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी छात्राओं को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। ऐसे में छात्राओं को कंप्यूटर ऑपरेशन, MS Word, Excel, PowerPoint, इंटरनेट के उपयोग तथा AI जैसी तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है।

संवाद के दौरान छात्राओं द्वारा जनपद में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को छात्राओं को निशुल्क कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि शासन को प्रस्ताव प्रेषित कर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि छात्राओं के सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की जानकारी एवं काउंसलिंग पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि IGNOU के माध्यम से संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों का लाभ लेने से पहले छात्राओं को उनकी रुचि, क्षमता और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन करने के लिए उचित काउंसलिंग मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण भी प्राप्त हो सके।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को IGNOU के पाठ्यक्रमों के संबंध में छात्राओं को विस्तृत जानकारी एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने को कहा, ताकि छात्राएं अपने भविष्य के लिए बेहतर एवं रोजगारपरक विकल्प चुन सकें।

साइबर सुरक्षा के प्रति छात्राओं को किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। छात्राओं को साइबर अपराध, साइबर फ्रॉड, वर्चुअल एब्यूज तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया।

पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराध की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही गौरा शक्ति ऐप के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया गया।

छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस को सूचना दें। साइबर अपराध होने के बाद की जाने वाली कानूनी प्रक्रिया तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशन में सरकार बालिकाओं की शिक्षा एवं उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के साथ संवाद का उद्देश्य उनकी समस्याओं को सुनना, उनका मार्गदर्शन करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति से छात्राओं को बहुआयामी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के काउंसलिंग एवं संवाद कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि संवाद के दौरान कई उपयोगी सुझाव सामने आए हैं, जिनमें जनपद में कंप्यूटर प्रशिक्षण के अधिक केंद्र स्थापित करना, IGNOU पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग कराना तथा छात्राओं को कंप्यूटर ऑपरेशन, वर्ड, एक्सेल, पावरप्वाइंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि छात्राओं द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों पर प्रभावी रूप से कार्य किया जाए तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पायल गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं योजना से लाभान्वित छात्राएं सलोनी, सोनाली, प्रिया, सृष्टि, राधिका पंवार, सिमरन, ज्योति सहित अन्य छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *