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‎समूह से मिली ताकत, योग से मिली पहचान—सुमन चमोली ने खड़ा किया सफल योग केंद्र
‎‎जिस योग को सीखा, उसी को बनाया रोजगार—सुमन की मेहनत और सरकारी सहयोग ने लिखी सफलता की कहानी
‎‎सूचना/टिहरी/ ‎मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जनपद टिहरी गढ़वाल में भी इन प्रयासों से महिलाएं स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं। विकासखंड कीर्तिनगर की सुमन चमोली इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं।
‎‎सुमन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बड़े उद्यम की शुरुआत के लिए मजबूत नहीं थी। समूह से आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास मिलने के बाद उन्होंने अपनी योग शिक्षा को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया।

‎सुमन चमोली ने वर्ष 2024 में प्रथम सामुदायिक ऋण (सीसीएल) के रूप में 1.50 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर मढ़ी चौरास प्रज्ज्वल योग सेंटर की नींव रखी। इसके बाद वर्ष 2025 में 3 लाख रुपये के द्वितीय सीसीएल से योग केंद्र का निर्माण एवं विस्तार किया। इस तरह समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग को उन्होंने स्वरोजगार में निवेश कर एक स्थायी आजीविका का साधन विकसित किया।
‎‎एमए (योग) की शिक्षा प्राप्त सुमन चमोली आज अपने योग केंद्र में बेसिक से एडवांस स्तर तक योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अब तक एक हजार से अधिक लोगों को योग का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। वर्तमान में योग प्रशिक्षण के माध्यम से वह लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। अपने उद्यम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने एक अन्य योग शिक्षक को भी अपने साथ रोजगार दिया है, जिससे उनके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी आजीविका का अवसर मिला है।
‎‎सुमन बताती हैं कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और तनाव प्रबंधन में भी उपयोगी भूमिका निभा रहा है। योग के नियमित अभ्यास से लोग अपनी दिनचर्या में अनुशासन, एकाग्रता और बेहतर जीवनशैली को शामिल कर सकते हैं। उनके केंद्र में योगाभ्यास के माध्यम से लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
‎‎सुमन चमोली कहती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ रहा। समूह के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग ने उनके सपने को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह कहती हैं कि यदि उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन नहीं मिला होता तो योग केंद्र स्थापित करने का उनका सपना इतनी आसानी से साकार नहीं हो पाता। उन्होंने स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया।
‎‎महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका
‎‎मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को केवल समूहों से जोड़ना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सुमन चमोली की सफलता यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे वित्तीय सहयोग का सही उपयोग कर महिलाएं अपने हुनर को सफल उद्यम में बदल सकती हैं।
‎‎उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सुमन चमोली जैसी महिलाओं की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मेहनत और सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
‎‎सुमन चमोली की सफलता सरकारी योजनाओं और महिला के हुनर व मेहनत के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं अब स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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