Fri. Sep 4th, 2026

*कोतवाली श्यामपुर*

*साइबर अपराधियों पर SSP नवनीत सिंह की टीम का लगातार ताबड़तोड़ एक्शन*

*”मगध साइबर गैंग” का ऋषिकेश नेटवर्क ध्वस्त, बलिया निवासी मुख्य मददगार गिरफ्त में*

*गिरोह को उपलब्ध कराता था फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts), लेता था भारी कमीशन*

*साथियों की गिरफ्तारी के बाद घबराकर मिटाए सबूत डिलीट की थी सभी व्हाट्सएप चैट्स*

*साइबर ठगी के विरुद्ध हरिद्वार पुलिस की त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई जारी*

*अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क पर हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह द्वारा साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार के कुशल पर्यवेक्षण में कोतवाली श्यामपुर पुलिस एवं सीआईयू (CIU) हरिद्वार की विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश स्थित पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।

*सर्विलांस और सटीक लोकेशन के आधार पर कसा शिकंजा*

कोतवाली श्यामपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-100/2026 में वांछित चल रहे आरोपित सागर पाण्डेय की तलाश हेतु उप-निरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। सीआईयू हरिद्वार द्वारा आरोपी के डिजिटल फुटप्रिन्टों के आधार पर ट्रेकिंग चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड (ऋषिकेश) प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और काले रंग की स्कूटी पर सवार होकर जा रहे आरोपिय सागर पाण्डेय को धर दबोचा।

*बलिया का रहने वाला संभालता था ऋषिकेश का कार्य*

पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया (उ०प्र०) का रहने वाला आरोपी सागर पाण्डेय ऋषिकेश में रहकर ‘मगध साइबर गैंग’ के पूर्व में गिरफ्तार मुख्य सरगना कृष्णा पाण्डेय के सीधे संपर्क में था। वह स्थानीय स्तर पर पैसों का लालच देकर लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाता था और फिर इन खातों (‘म्यूल अकाउंट्स’) को साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए गैंग को उपलब्ध कराता था।

आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को मुहैया कराए थे, जिसके बदले में उसे मोटा कमीशन मिलता था।

*पकड़े जाने के डर से मिटाए थे साक्ष्य*

आरोपी बेहद शातिर किस्म का है। उसने खुलासा किया कि जैसे ही उसे जानकारी मिली कि उसके 05 साथी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं, उसने तुरंत अपने मोबाइल से सभी व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और साथियों के नंबर डिलीट कर दिए थे ताकि पुलिस उस तक न पहुँच सके। हालांकि, पुलिस टीम ने उसके डिजिटल व तकनीकी जांच कर गैलरी से विशाल के नाम दर्ज एक बैंक खाते की फोटो साक्ष्य के रूप में बरामद कर ली है।

*नाम पता आरोपित*

सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय मूल पता-ग्राम सिकंदपुर, थाना सिकन्दरपुर, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश)

हाल पता-मायाकुंड, ऋषिकेश, थाना कोतवाली ऋषिकेश, जनपद देहरादून

*बरामदगी का विवरण*

1. 01 अदद मोबाइल फोन (REALME कंपनी)

2. ⁠बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज

*अभियोग का विवरण*

मु0अ0सं0: 100/2026 कोतवाली श्यामपुर, जनपद हरिद्वार

*पुलिस टीम का विवरण*

1. थानाध्यक्ष नितेश शर्मा

2. ⁠चौकी प्रभारी चंडी घाट देवेंद्र सिंह तोमर

3. ⁠का0 विनित कुमार

4. ⁠का0 राहुल देव

5. ⁠का0 वसीम सीआईयू (CIU) टीम हरिद्वार

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