Sat. May 30th, 2026

जिलाधिकारी के निर्देशन में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान ने पकड़ी गति, शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र तक चलाया जा रहा सफाई अभियान

1 हजार टन सूखे कूड़े का किया जा चुका है निस्तारण

स्वच्छता कंट्रोल रूम को प्राप्त 300 शिकायतों का समयबद्ध किया गया समाधान

हरिद्वार।  जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जनपद हरिद्वार में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, स्वच्छता अभियान ने रफ्तार पकड़ते हुए,इसका असर अब घरातल पर दिखने लगा है।
स्वच्छता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक चलाया जा रहा है, अभियान के दौरान एकत्रित किए गए सुखे एवं गीले कूड़े को जिला पंचायत के माध्यम से वैज्ञानिक निस्तारण विकासखंड स्तर पर स्थापित प्लास्टिक वेस्ट कॉम्पैक्टरों के माध्यम से निरंतर किया जा रहा है। अब तक लगभग 1 हजार टन सूखे कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण करते हुए उससे प्लास्टिक के वेल (Bales) तैयार किए जा चुके हैं, जो आगे पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की प्रक्रिया में उपयोग किए जाएंगे।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत सभी कॉम्पैक्टरों का संचालन जिला पंचायत द्वारा अपनी निधि से प्रभावी रूप से किया जा रहा है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए कूड़ा वाहनों का संचालन क्षेत्र पंचायत विकास निधि से किया जा रहा है, जिससे कूड़ा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ हुई है।
जनपद में स्थापित स्वच्छता कंट्रोल रूम (दूरभाष संख्या: 8273371714) भी आमजन के लिए कारगर मंच साबित हो रहा है। कंट्रोल रूम पर लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों एवं सुझावों का त्वरित संज्ञान लेते हुए अब तक लगभग 300 शिकायतों का संबंधित विभागों के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा चुका है।
नोडल अधिकारी स्वच्छता चंद्रकांत मणि त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि पंचायतीराज विभाग द्वारा मॉनसून से पूर्व संभावित जलभराव की समस्या से निपटने हेतु समस्त ग्राम पंचायतों में नालियों एवं नालों की व्यापक सफाई के लिए रोस्टर तैयार कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही, प्रांतीय लोक निर्माण विभाग ,नगर निगम,नगर पालिका,नगर पंचायते एवं खंड विकास अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में नालियों की सफाई करते हुए जल निकासी की व्यवस्था की व्यवस्था को दूरस्त किया जा रहा है।
जनपद प्रशासन द्वारा स्वच्छता के प्रति अपनाई जा रही यह सक्रिय एवं समन्वित कार्यशैली न केवल पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *