Mon. May 11th, 2026

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने कुंभ मेले के दृष्टिगत गंगा की स्वच्छता एवं अविरलता हेतु नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार को हर सम्भव सहायता का दिया आश्वासन।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने कुंभ मेले के दृष्टिगत गंगा की स्वच्छता एवं अविरलता हेतु नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार को हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया है।

केंद्रीय मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस सम्बंध में किये गये अनुरोध के क्रम में मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में यह जानकरी दी है। उन्होंने प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया है कि कुंभ मेला-2027 के दौरान गंगा नदी की स्वछता एवं निर्मलता सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार के गंगा नदी स्वच्छता संबंधित प्रस्ताव, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मल-कीचड उपचार संयंत्र, नदी की सतह एवं घाटों की सफाई तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य (रोगवाहक नियंत्रण एवं सुरक्षा) को नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को तृतीय पक्ष मूल्यांकन हेतु नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स, नई दिल्ली को एनएमसीजी के पत्र के क्रम में प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में तृतीय पक्ष मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार कुम्भ मेला-2027 के व्यवस्थित, सफल आयोजन और गंगा नदी की स्वछता एवं अविरलता को सुनिश्चित करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत हर संभव प्रयासों तथा प्रदेश सरकार की सहायता के लिए केंन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की प्रतिबद्धता के प्रति भी मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी वर्ष फरवरी में नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की थी।

मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से हरिद्वार कुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री ने यह भी अनुरोध किया था कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके दृष्टिगत गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *