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*कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम-2013 पर आयोजित हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम*

*अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रियाओं, विशाखा गाइडलाइंस और ICC गठन की दी गई जानकारी*

महिलाओं के प्रति सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद रुद्रप्रयाग में “महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा वर्ष 2025-26 की स्वीकृत कार्ययोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। अकादमी द्वारा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विगत तीन वर्षों से जनपद स्तर पर विभिन्न आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी कार्यालयाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिनियम के अंतर्गत उनके विधिक दायित्वों से अवगत कराना तथा नियमानुसार आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के गठन और उसके प्रभावी संचालन के संबंध में आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम में उपनिदेशक एवं कार्यक्रम अधिकारी, आर.एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल पूनम पाठक तथा विषय विशेषज्ञ एडवोकेट राजेश देवली द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न केस स्टडीज के माध्यम से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न, जेंडर इक्वलिटी एवं इक्विटी तथा महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रशिक्षकों ने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्थान और कार्यालयाध्यक्ष की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिनियम-2013 के प्रावधानों का पालन करते हुए आंतरिक शिकायत समिति का गठन और उसकी सक्रियता अत्यंत आवश्यक है।

प्रशिक्षण के दौरान अधिनियम की पृष्ठभूमि, इसे लागू करने की आवश्यकता, विशाखा गाइडलाइंस-1997 तथा उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली-2007 के माध्यम से कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीड़न के विरुद्ध उपलब्ध प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

विषय विशेषज्ञ एडवोकेट राजेश देवली द्वारा “महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013” के प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया, जांच प्रणाली तथा आंतरिक शिकायत समिति के गठन एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता बढ़ाने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं समान अवसर वाले वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, ए.सी.एम.ओ सीमा टेकचंदानी, जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी शैली प्रजापति, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रुद्रप्रयाग सुनील सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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