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स्वच्छता ही सेवा 2026 विद्यार्थियों और ऋषिकुमारों ने दिया स्वच्छता का संदेश

✨परमार्थ विद्या मन्दिर के विद्यार्थियों एवं परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने निकाली स्वच्छता रैली, चलाया स्वच्छता अभियान और ली स्वच्छता की शपथ
✨‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ बना जनभागीदारी का संदेश
🧹स्वच्छता हमारा संस्कार
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश। स्वच्छता केवल किसी एक दिन या एक अभियान का विषय नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित और जिम्मेदार समाज के निर्माण की सतत प्रक्रिया है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत आज परमार्थ निकेतन में स्वच्छता और जन-जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

भारत सरकार द्वारा स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवहार परिवर्तन को अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया गया है, जिसमें विद्यार्थियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। इसी क्रम में परमार्थ विद्या मन्दिर के विद्यार्थियों तथा परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने स्वच्छता रैली निकालकर समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

प्रातःकाल विद्यार्थियों और ऋषिकुमारों ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता रैली में भाग लिया। हाथों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संदेशों वाली तख्तियां लेकर उन्होंने जनसमुदाय को स्वच्छता के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ भारत प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और सहभागिता से निर्मित होगा।

रैली के पश्चात विद्यार्थियों एवं ऋषिकुमारों ने स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रमदान किया। इस अवसर पर सभी ने स्वच्छता की शपथ लेते हुए संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करेंगे और अपने परिवार, विद्यालय, आश्रम तथा समाज के अन्य लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने संदेश दिया कि स्वच्छता हमारा संस्कार है, यह हमारे जीवन की सुंदरता और सकारात्मकता का उत्सव है। जब हम अपने आसपास स्वच्छता रखते हैं, तो केवल वातावरण नहीं बदलता, हमारे भीतर भी नई ऊर्जा, नई चेतना और नई जिम्मेदारी का जन्म होता है।
हमारे बच्चे और युवा इस परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति हैं। आइए, आज हम संकल्प लें कि जहाँ जाएंगे, वहाँ स्वच्छता का संदेश और सकारात्मकता की सुगंध फैलाएंगे। एक घंटा श्रमदान, एक छोटी-सी पहल और एक स्वच्छ आदत, मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बन सकती है। स्वच्छता को अपनी दिनचर्या, अपनी संस्कृति और अपनी सेवा का हिस्सा बनाएं। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, सुंदर भारत, हम सबका संकल्प, हम सबकी सहभागिता हो।
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत आज 1 अक्टूबर को प्रातः 8 से 9 बजे तक ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया। स्वच्छता रैली, श्रमदान और शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ऋषिकुमारों ने समाज को एक प्रेरक संदेश दिया-“स्वच्छता केवल अभियान नहीं, संस्कार है; स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, सेवा है; और स्वच्छ भारत केवल लक्ष्य नहीं, हम सभी का संकल्प है।”
इस स्वच्छता अभियान व रैली में परमार्थ गुरूकुल के आचार्यों और परमार्थ विद्या मन्दिर के शिक्षक – शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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