नागटिब्बा मंदिर व ट्रैक की व्यवस्थाओं का एडीएम ने लिया जायजा
ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण, ट्रैक मरम्मत, संकेतक, कूड़ेदान व पेयजल सुविधा की मांग रखी
टिहरी: अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने तहसील नैनबाग क्षेत्रांतर्गत नागटिब्बा मंदिर एवं ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ पैदल यात्रा कर ट्रैक एवं आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्रामीणों ने पंतवाड़ी-पवेद ग्रामीण मोटर मार्ग की खराब स्थिति से अवगत कराते हुए करीब 13 किलोमीटर लंबे मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण की मांग रखी। साथ ही नागटिब्बा मंदिर तक करीब 5 किलोमीटर सड़क मार्ग निर्माण, पैदल ट्रैक के सुधारीकरण, मार्ग पर संकेतक लगाने, कूड़ेदान स्थापित करने तथा पेयजल की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने संबंधी मांग की।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र के विकास एवं पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों एवं प्रस्तावों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने पंतवाड़ी-पवेद ग्रामीण मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण के संबंध में पीएमजीएसवाई को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैदल ट्रैक पर आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वन विभाग भद्रीगाड़ रेंज द्वारा नागटिब्बा मार्ग पर गेट का निर्माण किया गया है, जहां आने वाले पर्यटकों का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधा, स्वच्छता एवं मार्ग की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
नागटिब्बा क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी विशेष पहचान रखता है। यहां भगवान नागराजा को समर्पित प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नागटिब्बा का पैदल ट्रैक घने जंगलों, प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण से होकर गुजरता है, जो ट्रैकिंग प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के भव्य एवं मनोहारी दर्शन भी होते हैं।
