Sun. Aug 2nd, 2026

जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी

पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक साढ़े छह लाख के पार पहुंची जनभागीदारी

जन समस्या निराकरण और आम आदमी तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में अब तक 1.34 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी हो चुकी है। इसी के साथ अभियान के प्रथम और दूसरे चरण को मिलाकर, कुल जनभागीदारी साढ़े 6 लाख के पार पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत लोगों को जहां जन समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है, वहीं समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरणों सहित अन्य सेवाएं भी निशुल्क प्रदान की जा रही हैं। अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जन समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। इन शिविरों में पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजना का लाभ देने के साथ ही विभिन्न प्रमाणपत्र भी बनाकर दिए जा रहे हैं।

198 शिविरों का आयोजन
चार जुलाई से शुरु इस विशेष अभियान के दौरान अब तक कुल 198 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें मानसूनी सीजन के बावजूद 1 लाख 34 हजार 740 लोगों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 23 हजार 219 जन शिकायतों में से 20 हजार 808 का मौके पर निस्तारण किया जा चुका है। जबकि 81 हजार 753 प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं से लाभांवित किया गया।

5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गत दिसंबर माह से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था। दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत प्रशासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर रहा है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के संकल्प के साथ निरंतर जनता की सेवा में समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *